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माननीय मुख्यमंत्री प्रो.प्रेम कुमार धूमल ने एसजेवीएनएल की रामपुर जल विद्युत परियोजना की
17 Apr 2008

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रो.प्रेम कुमार धूमल ने आज रामपुर के निकट बायल गांव में सतलुज जल विद्युत निगम की रामपुर जल विद्युत परियोजना के अंतर्गत 4 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 20 बिस्तरों के अस्पताल की आधारशिला रखी।  सभी सुविधाओं से युक्त यह अस्पताल केवल परियोजना कार्मिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों की जरूरतें पूरी करेगा, बल्कि परियोजना क्षेत्र के हजारों स्थानीय लोग भी इससे लाभान्वित होंगे।

 

इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रो. धूमल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में 20376 मेगावाट की बिजली के दोहन की क्षमता है, जिसमें से अब तक केवल 6500 मेगावाट बिजली का ही सफलतापूर्वक दोहन किया जा सका है।  तीव्र औद्योगिक विकास तथा राष्ट्र की उन्नति के लिए राज्य ने सन् 2012 तक 5000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन करने का लक्ष्य रखा है।

 

सन् 2002 में सतलुज नदी में आई भयंकर बाढ़ से नाथपा झाकड़ी जलविद्युत परियोजना को हुई क्षति के संदर्भ में बोलते हुए प्रो. धूमल ने कहा कि सतलुज जल विद्युत निगम के प्रबंधन ने दूरदर्शिता दिखाते हुए परियोजना का पुनरूद्धार कर 2003 में सफलतापूर्वक इसकी कमीशनिंग कर दी।  1020 मेगावाट क्षमता वाली खाब परियोजना तथा 775 मेगावाट क्षमता की लूहरी परियोजना सतलुज जल विद्युत निगम को सौंपे जाने संबंधी प्रबंधन की मांग के संबंध में प्रो. धूमल ने कंपनी को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उन्हें पूरा सहयोग देगी।  साथ ही आशा व्यक्त की कि निगम परियोजना से प्रभावित व्यक्तियों के कल्याण का भी ध्यान रखेगी।

 CM laying foundation stone of Hospital

सतलुज जल विद्युत निगम द्वारा पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन कार्यों के लिए 125 करोड़ रुपए की राशि का बजट आबंटित किए जाने के लिए सतलुज जल विद्युत निगम के प्रबंधन को धन्यवाद देते हुए उनसे कहा कि मलबे की डंपिंग से स्थानीय लोगों को होने वाले परियोजना संबंधी समस्याओं से निपटने का प्रयास कंपनी को करना चाहिए।  स्थानीय विधायक  श्री किशोरी लाल की इस मांग पर कि परियोजना कुल्लू में स्थित होने के कारण रामपुर जल विद्युत परियोजना का नाम बदला जाना चाहिए।  प्रो.धूमल ने सतलुज जल विद्युत निगम प्रबंधन से अनुरोध किया कि वे इस पर विचार करें।

 

अस्पताल की आधारशिला रखते हुए प्रो.धूमल ने निगम के सामाजिक कल्याणकारी कार्यकलापों की तारीफ की और उम्मीद जाहिर की कि परियोजना और इसके इर्द-गिर्द के लोग इस अस्पताल के बनने से काफी लाभान्वित होंगे।  उन्होंने बताया कि निगम द्वारा अर्जित किया जा चुका अनुभव इसे सौंपी जाने वाली अन्य परियोजनाओं का शीघ्र पूरा करने में मददगार साबित होगा।

 

इससे पहले मुख्य अतिथि प्रो.धूमल, श्री नरेन्द्र बरागटा, बागवानी मंत्री, आनी क्षेत्र के स्थानीय विधायक श्री किशोरी लाल और किन्नौर के विधायक श्री तेजवंत नेगी का स्वागत करते हुए अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री हेमंत कुमार शर्मा ने बताया कि कंपनी के 1500 मेगावाट क्षमता के नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन ने वर्ष 2007-08 के दौरान 6450 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया है, जो विद्युत मंत्रालय के साथ किए एमओयू के लक्ष्य से 64 मिलियन यूनिट अधिक है।  उन्होंने कहा कि इक्विटी हिस्सेदारों भारत सरकार एवं हिमाचल प्रदेश सरकार को कंपनी पहले ही 136 करोड़

 

रुपए का अंतरिम लाभांश दे चुकी हैं।  श्री शर्मा ने कहा कि निगम ने एक जिम्मेदार सामाजिक निकाय के रूप में परियोजना तथा इर्द-गिर्द के लोगों के कल्याण और समूचे विकास को हमेशा पूरा महत्व दिया है और इस क्षेत्र में 4 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाने वाला यह 20 बिस्तरों वाला अस्पताल कंपनी की कल्याणकारी नीतियों का द्योतक है।   अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने इसके अतिरिक्त कहा कि नाथपा झाकड़ी जलविद्युत परियोजना अपनी कमीशनिंग के वर्ष 2003 से लगातार भारत सरकार एवं हिमाचल प्रदेश सरकार को लाभांश का भुगतान करते रहा है।  उन्होंने कहा कि वर्ष 2006-07 के दौरान कंपनी ने 732 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाते हुए 235 करोड़ की राशि के लाभांश का भुगतान किया।  

 

श्री शर्मा ने सूचित किया कि कुल्लू जिले की सात प्रभावित पंचायतों के तहत आने वाले तीन गांवों और शिमला जिले अंतर्गत अने वाले एक गांव का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।  141 प्रभावित परिवारों में से 130 परिवार कुल्लू जिले और 11 परिवार शिमला जिले से हैं।  इन प्रभावित परिवारों की मदद के लिए 125 करोड़ रुपए लागत वाली विभिन्न पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन तथा कल्याणकारी योजनाएँ बनाई गई हैं।  उन्होंने आगे कहा कि स्थानीय लोगों की जल की समस्या से निपटने की ओर पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है।

 

श्री शर्मा ने यह भी बताया कि 412 मेगावाट क्षमता की रामपुर जल विद्युत परियोजना 2047 करोड़ रुपए की आकलित लागत पर सन 2012 तक पूरी हो जाएगी।  इस परियोजना की इक्विटी में हिमाचल प्रदेश का 30 हिस्सा है और इसे 12 बिजली नःशुल्क दी जाएगी।  हिमाचल प्रदेश को इस परियोजना में अपने हिस्से की 38 अर्थात् 660 मिलियन यूनिट बिजली बेचकर 264 करोड़ रुपए का राजस्व मिलेगा।  श्री शर्मा ने माननीय मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि कंपनी को और बिजली परियोजनाएं सौंपी जाएं, जिससे यह अपने कार्मिकों को लाभप्रद रोजगार दे सके।




 

   

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