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संगठनात्तमक स्थिति
संगठनात्मक स्थिति

भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम एसजेवीएन लिमिटेड भारत सरकार एवं हिमाचल प्रदेश सरकार का एक संयुक्त उपक्रम है। एसजेवीएन की मौजूदा अधिकृत पूंजी 4500 करोड़ रुपए है, जो रिवाईज्ड होकर 7000 करोड़ रुपए हो जाने की प्रक्रिया में है। गत पांच वर्षों के दौरान निगम ने अपनी परियोजनाओं के निर्माण, प्रचालन एवं अन्वेषण कार्यकल्îाापों में कई बड़ी सफल्îाताएंं हासिल की हैं।

एक मिनी रत्न कंपनी

भरत सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एसजेवीएन को " मिनी रत्नः वर्ग-I " का प्रतिष्ठित दर्जा प्रदान किया है। निगम को यह दर्जा प्रदान किया जाना एक विशिष्ट उपलब्ध है, इसे व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने के मात्र चार वर्ष के अंदर हासिल हो गई है।

शेड्यूल " ए " कंपनी

सार्वजनिक उपक्रम विभाग (डीपीई) द्वारा निर्धारित अर्हताएंं पूरी करने और निवेश, पंजी उपयोग, शुद्ध बिक्री, लाभ, कर्मचारी संबंधी गुणात्मक एवं मात्रात्मक मानदण्डों पर खरा उतरने तथा राष्ट्रीय महत्व के कारकों, जटिल समस्याओं से निपटने, अंगीकृत तकनीकी स्तर, गतिविधियों के विस्तार संबंधी भावनाओं का पता लगाने, प्रतिस्पर्धात्मकता इत्यादि के परिप्रेक्ष में एसजेवीएन लिमिटेड को शेड्यूल " ए" सार्वजनिक उपक्रम के रूप में अपग्रेड किया गया है।

भविष्य के संकेत

देश के सबसे बड़े 1500 मेगावाट क्षमता के नाथपा झाकड़ी जल विद्युत स्टेशन (एनजेएचपीएस) के सफल्îा निर्माण, कमीशनिंग एवं प्रचालन के उपरांत निगम हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड एवं मनीपुर के अतिरिक्त पड़ोसी देशों अर्थात नेपाल एवं भूटान में कई जलविद्युत परियोजनाओं का निर्माण कर रहा है। भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय की मदद से एवं दिशा-निर्देशन में एसजेवीएन देश के जल विद्युत परियोजना क्षेत्र में एक सितारे के रूप में उभर रहा है। कंपनी की अपनी आगामी परियोजनाओं में 23,000 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश की योजना है। कंपनी वर्ष 2020 तक लगभग 4000 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएंं कमीशन करने जा रही है।

   

सर्वाधिकार सुरक्षित एसजेवीएन लिमिटेड